कामरूप देश की जादूगर रानी

.             कामरूप देश की जादूगर रानी

      एक बार गुरु नानक देव अपने दोनों शिष्यों बाला और मरदाना के साथ कामरूप देश गए। वहां के लोग अपने काले जादू के लिए प्रसिद्ध थे। नगर के द्वार पर पहुँचते ही, गुरु नानक एक पेड़ की छाँव में ध्यान मुद्रा में बैठ गए।

      उनका शिष्य मरदाना गाँव के भीतर भोजन और जल का प्रबंध करने गया। दूसरा शिष्य बाला वहीँ गुरु के पास रुका। एक जलाशय पर मरदाना अपनी पानी की सुराही भरने लगा तो, वहां उस नगर की रानी की दो बहने आ पहुंची।

    उसने मरदाना से वहां आने का कारण पूछा। मरदाना के उत्तर देते ही वह दोनों हँस पड़ी। वह बोलीं की तुम तो भेड़ बकरी की तरह बोलते हो। चलो तुम्हे भेड़-बकरी जैसा बना दें। इतना बोल कर उन में से एक लड़की नें मरदाना को भेड़ बना दिया और वह भे भें करने लगा। समय अधिक हुआ तो गुरु नानक और बाला को चिंता हुई। 

     वह दोनों ठीक उसी जगह आ पहुंचे। इस बार उन दोनों लड़कियों नें बारी-बारी मंत्र बोल कर वही टोटका गुरु नानक पर आज़माया। लेकिन उनमें से खुद एक लड़की बकरी बन गई और दूसरी लड़की का हाथ हवा में जम कर शिथिल हो गया। जिस मुद्रा मे उसी मुद्रा मे स्थिर हो गई।

    वहां मौजूद लोगों नें नगर की रानी को यह सूचना दी। वह फ़ौरन मौके पर आ पहुंची। उसने भी पहले तो गुरु नानक पर अपना काला जादू आज़माया। कुछ ही देर में
असफ़लता मिलने पर वह जान गई की उस का पाला किसी दैवीय शक्ति वाले संत से पड़ा है।
     माफ़ी मांग लेने पर दयालु गुरु नानक देव नें उन दोनों लड़कियों को ठीक कर दिया। तथा मरदाना को भी उसके असली रूप में ला दिया।

     इस प्रसंग के बाद कामरूप के लोगों नें गुरु नानक देव से ज्ञान देने को कहा। तब गुरु नानक बोले- हमारे अंदर इश्वर का वास होता है। आप सब को, लोगों को परेशान करना छोड़ कर उनकी मदद करनी चाहिए। ध्यान करो, कर्तव्य पालन करो। लोगों से प्रेम करो। गुरु नानक यह उपदेश दे कर वहां से आगे बढे।

     नानक जी सारी अध्यात्मिक शक्ति प्रथम अविचल गायत्री मंत्र व सत नाम का जाप करने से प्राप्त हुई। आप मे भी ये सिध्दि आ सकती है। आज वही मंत्र सत रामपाल जी महाराज दे रहे है। 

      शास्त्रानुकूल साधना से ही मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है।आज पुरे विश्व में शाशत्रानुकुल साधना केवल संत रामपाल जी महाराज ही बताते है। आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। 
     साधना चैनल पर प्रतिदिन शाम 7:30 से 8.30 बजे 
     श्रधा चैनल पर प्रतिदिन दोपहर 2:00से 3:00 बजे

             🙏🏻सत साहिब जी🙏🏻

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