मोदीखाने की नौकरी करना
. नानक जी शिक्षा के बाद उनके पिता जी महता कालू जी ने श्री गुरु नानक देव जी को बहन नानकी व जीजा जै राम के पास भेज दिया परन्तु वहां आप बेकार बैठे आनन्द लेते रहे। नानक जी के जीजी जी नवाब दौलत खां के दरवार मे नौकरी करते थे। जै राम जी ने आपको नवाब दौलत खां के पास मोदी का काम करने के लिए लगवा दिया। गुरु नानक जी के पास सुबह शाम सौदा लेने वालों की भीड़ लगी रहती। नानक जी जब बेई नदी से गायब होकर सचखण्ड जाकर वापिस आये तो उन पर परमात्मा की भक्ति का रंग चुका था। वापस पृथ्वी पर आने के बाद सब नीरस सा लग रहा था। सब तेरा सब तेरा कहते रहते थे। गुरु नानक जी मोदीखाने सौदा तोलते व तेरह-तेरह अंक की तोल के बाद फिर तेरह कहकर तोलने लगते। आप जी के व्यवहार को देखकर निंदकों ने नवाब को शिकायत कर दी कि आप सब रसद लुटाए जा रहे हैं तथा थोड़े ही समय में मोदी खाना खाली हो जाएगा। यह सुनकर नवाब ने अपने अधिकारियों को मोदी खाने का हिसाब करने की आज्ञा दे दी। हि...