सतलोक सुख का सागर
⚠️मरते समय आपकी मदद कौन करेगा ⚠️
इस संसार में परमात्मा के अतिरिक्त ऐसा कोई नहीं है जो मृत्यु के समय यम के दूतों से आपकी सहायता करें , परमात्मा उसकी ही मदद करेगा जिसने पूर्ण संत से दीक्षा ले रखी होगी । परमेश्वर उस सतगुरु के रूप में उपदेश प्राप्त भगत की सहायता करता है ..
✨✨✨✨✨✨
पुराणों में तथा श्री मद भगवत गीता अध्याय 2 श्लोक 38 में कहा है हे अर्जुन ! यदि सैनिक युद्ध में मारा जाता है तो स्वर्ग में सुख को प्राप्त करता है और सतगुरु का भक्त भक्ति मार्ग में संघर्ष करते हुए यदि शरीर त्याग जाता है तो सतलोक सुख सागर में सदा के लिए सुखी हो जाता है .. स्वर्ग गए हुए वापिस इस संसार में आते है परतुं सतलोक गए हुए कभी वापस इस दुख के सागर जन्म मृत्यु में कभी नहीं आते है
🙇🙇🙇🙇
"गरीब दास वो देश है दुर्लभ कोई सच्चा सतगुरु मिले रे"
पूर्ण संत से सच्चे नाम की दीक्षा लेकर साधना करने पर सतलोक प्राप्ति होती है पूर्ण गुरु के बगैर कभी भी सतलोक नहीं जाया जाता, वहां सर्व सुख है जन्म मृत्यु नहीं है कोई दुख कष्ट नहीं है ऐसे ही सृष्टि है वहां के पदार्थ खराब नहीं होते वहा कोई कर्म नहीं करना पड़ता । सतलोक में वृद्ध अवस्था नहीं है इसको अक्षय मोक्ष पूर्ण मुक्ति कहते है
✨✨✨✨✨✨
सतलोक व स्वर्ग में क्या अंतर है हम यहां कैसे फंसे क्यो मरते है क्या गलती कि जिससे हम महाकष्ट झेल रहे है ये सब जानकारी सत्संग से होती है और सत्संग पूर्ण गुरु से होता है पूर्ण गुरु स्वयं परमात्मा ही धरती पर कुछ समय के लिए आते है और अपने तत्वज्ञान से जगाकर आशीर्वाद से संकट मुक्त कर उन्हें सदा के लिए सतलोक भेज देते है ..
अधिक जानकारी के लिए आप साधना टीवी देखे रोज रात्रि 7:30 से 8:30 तक ।
🙏🙏🙏🙏🙏
Comments
Post a Comment
ऐसे ही अध्यात्मिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े।