मगहर एक अद्भुत एकता की पहचान
#मगहर एक अद्भुत #एकता की पहचान मस्जिद पे गिरता है" "मंदिर पे भी बरसता है" "ए बादल बता तेरा #मजहब कौनसा है" "इमाम की तू प्यास बुझाए" "पुजारी की भी तृष्णा मिटाए" "ए पानी बता तेरा #मजहब कौन सा है" "मज़ारो की शान बढाता है" " मूर्तियों को भी सजाता है" "ए फूल बता तेरा #मजहब कौनसा है" "सारे जहाँ को रोशन करता है" "सृष्टी को उजाला देता है" "ए सूरज बता तेरा #मजहब कौनसा है" "मुस्लिम तूझ पे कब्र बनाता है" "हिंदू आखिर तूझ में ही विलीन होता है" ए मिट्टी बता तेरा #मजहब कौनसा है" "खुदा भी तू है" "ईश्वर भी तू" "पर आज बता ही दे" "ए #परवरदिगार.. आपका #मजहब कौनसा है" "ऐ दोस्त #मजहब से दूर हटकर, #इंसान बनो" "क्योंकि #इंसानियत का कोई #मजहब नहीं होता. 🙏🙏🙏🙏🙏#राम_रामजी🙏🙏🙏🙏🙏 #MagharLeela_Of_GodKabir